31 दिसंबर तक मिले मरीजों में ओमिक्रॉन नहीं
वाराणसी में कोरोना संक्र मित सभी मरीजों का सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा गया है। शनिवार को 21 और रविवार को 14 मरीजों को छोड़कर बाकी सभी 25 मरीजों की जो रिपोर्ट आई है, उसमें डेल्टा प्लस वेरियंट ही मिला है। राहत की बात यह है कि अभी कोई भी ओमिक्रॉन वेरियंट वाला मरीज नहीं मिला है। सीएमओ के अनुसार केजीएमयू से जीनोम सैंपल की मौखिक रिपोर्ट दी जाती है।
ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक डेल्टा: प्रो. चौबे
कोरोना मरीजों पर शोध करने वाले बीएचयू प्राणी विज्ञान विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि वेरियंट चाहे कोई भी हो अगर लिखित रिपोर्ट मिले तभी उसके बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाना ठीक होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि डेल्टा वेरियंट का जो नया रूप है, वह ओमिक्रॉन से भी अधिक खतरनाक है। ऐसे में इस पर अध्ययन होना भी जरूरी है। कई देशों में होने वाली मौतों में भी डेल्टा वेरियंट ही मिल रहा है।