तांबे की बढ़ती कीमतों का सीधा असर इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर पड़ता दिख रहा है। आईआईए के मंडलीय चेयरमैन प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि तांबा महंगा होने से पंखा उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। चूंकि पंखे, कूलर और एसी की मोटर वाइंडिंग में तांबे के तारों का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है, इसलिए आगामी गर्मी के सीजन में इन उपकरणों की कीमतों में इजाफा होना तय है। ऐसे में इस बार गर्मियों में ठंडी हवा खाना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है।
इन जगहों पर हो रहा तांबे का सबसे अधिक प्रयोग
सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण, बिजली के तार, नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर पैनल और विंड टर्बाइन), पंखे और कूलर, इलेक्ट्रिक वाहन, बर्तन और मूर्तियां आदि।