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UP: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष का सश्रम कारावास, 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया; आठ साल बाद न्याय

Fri, 08 May 2026 07:10 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद पीड़िता पक्ष के लोगों ने संतोष जताया।
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दुष्कर्म के आरोपी को सश्रम कारावास की सजा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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UP News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी।

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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो राम अवतार ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी शशिपाल को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं।

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अदालत ने सुनाई सजा

विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने बताया कि मामला खानपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2017 में आरोपी ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद 10 फरवरी 2020 को पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
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