विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने बताया कि मामला खानपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2017 में आरोपी ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद 10 फरवरी 2020 को पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।