मिर्जापुर जिले के अहरौरा और लालगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। 30 सितंबर को अहरौरा क्षेत्र से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस ग्रुप को तमिलनाडु से फंडिंग होती थी। गिरफ्तार देव सहायम डैनियल को जुलाई 2025 में फील्ड इंचार्ज बनाकर यहां भेजा गया था। इससे पहले वह सोनभद्र के मधुपुर में प्रभारी था। वह 80 लोगों का धर्मांतरण करा चुका था। उसके पास से मिली डायरी में करीब 700-800 लोगों के नाम थे, जिनको धर्मांतरित कराना था।
मिर्जापुर जिले के जमालपुर ब्लाॅक के ढेबरा गांव के पश्चिम सिवान में ढेबरा भमौरा गांव के बीच नहर किनारे चर्च है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ महीने तक पहले यहां हर रविवार को प्रार्थना सभाएं होती थीं। पुलिस की सख्ती और देव सहायम डैनियल की गिरफ्तारी के बाद यहां गतिविधियां बंद हैं। इसी तरह अदलहाट के श्रीपुर, इब्राहिमपुर व दौलताबाद में प्रार्थना चर्च पर पिछले साल से ताला बंद है। यहां पर पुलिस की लगातार निगरानी की जा रही है।
निर्बल, पिछड़े, आदिवासी वर्ग के लोगों को झाड़-फूंक के नाम पर चंगाई प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता है। ईसाई मिशनरी गांव-गांव में अपने प्रचारकों के माध्यम से प्रार्थना सभाएं कराते हैं। लोगों को आर्थिक मदद, प्रलोभन और अंधविश्वास का झांसा देते हैं। अपने मूल धर्म में वापसी कर चुके लोगों के अनुसार, ये बेहद नाटकीय और सुनियोजित ढंग से होता है। सभा में मौजूद इन्हीं के लोग तरह-तरह के दावे करके प्रभु यीशु का गुणगान करते हैं। ये सब देखकर नए लोग चमत्कार मानकर प्रभावित होते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे वह खुद इन सभाओं में जाना शुरु कर देते हैं और अपने परिचितों व परिवार के सदस्यों को भी जोड़े हैं।