एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने भी इस प्रयास को दलित समाज के साथ धोखा बताया और कहा कि सपा प्रमुख ने पहले भी संस्थानों से डॉ. आंबेडकर के नाम हटवाए थे। अब उनकी छवि से लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में अखिलेश यादव से माफ़ी मांगनी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन जगदीश त्रिपाठी ने किया और संयोजन की जिम्मेदारी एडवोकेट अशोक कुमार जाटव ने निभाई। प्रदर्शन में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, चंद्रशेखर उपाध्याय, आलोक श्रीवास्तव, अभिषेक मिश्रा, आत्मा विशेश्वर, मधुकर चित्रांश, नवरतन राठी आदि शामिल रहे।