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वाराणसी : बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, कई सड़कों पर दलदल जैसी स्थिति, हर ओर दुश्वारियां

Sun, 20 Jun 2021 12:57 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

लगातार बारिश के कारण वाराणसी कई इलाकों में लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कीचड़ और गंदगी से राह चलना दुष्कर है। राहगीरों को हर पग पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नाले-नालियां जाम हैं। गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना है। जल निकासी के नगर निगम प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। 
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बारिश से शहर की सड़कों पर कीचड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बारिश के चलते वाराणसी शहर की सड़कें कीचड़ और गंदगी से पट गई हैं। गड्ढों में बरसाती पानी भर गया है। कुछ इलाकों की सड़कों पर दलदल जैसी स्थिति हो गई है। बारिश के चलते कूड़ा उठान भी प्रभावित हुआ। कई इलाकों में लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कीचड़ और गंदगी से राह चलना दुष्कर है।

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राहगीरों को हर पग पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नाले-नालियां जाम हैं। गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना है। जल निकासी के नगर निगम प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। दोपहिया, चार पहिया वाहन तो दूर घर से निकल कर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बेनियाबाग, बजरडीहा, जक्खा, रजानगर, मुर्गिया टोला, देव पोखरी, शंकुलधारा, विनायका आदि इलाकों में जलजमाव से नागरिकों व राहगीरों को बेहद परेशानी हो रही है।

फारूकी नगर, आजाद नगर, सुदामापुर, सरायसुर्जन में जाम नाली का पानी गली में बह रहा है। लोग गंदे पानी से होकर आने-जाने को विवश हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर भी लगे रहे। राहगीरों की दुश्वारियों का अहसास उन अधिकारियों को नहीं हुआ होगा जो अपने घर में बैठे रहे या फिर शहर के कुछ चुनिंदा मार्गों पर ही चले।
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निराला नगर में जलभराव व सीवर ओवरफ्लो करने के कारण नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई घरों में गंदा पानी जा रहा है। जलालीपुरा, रथयात्रा-महमूरगंज मुख्य मार्ग, खोजवां स्थित गुलरिया मोड़, विनायका-कोल्हुआ मार्ग, भेलूपुर जलकल कार्यालय के करीब गंदगी, कीचड़ व जलभराव की समस्या है। इधर, पक्के महाल की गलियां भी कीचड़ से सनी हैं।

राहगीर फिसलकर गिरे

नगर निगम के इंतजाम फेल, जनता झेल रही दुश्वारियां - फोटो : अमर उजाला
बेनियाबाग, नगवा चुंगी से सामने घाट मार्ग पर मिट्टी व कीचड़ में राहगीर फिसलकर गिर रहे थे। वाहनों के पहिये भी फिसले। कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हुए। क्षेत्र की कृष्णानगर, जानकी नगर, शिवगंगा नगर, शिवाजी नगर, मारुति नगर, मदरवां, गंगोत्री विहार, साकेत नगर, नरिया, शिवप्रसाद गुप्त नगर, अन्नपूर्णा नगर कालोनी की ऊबड़-खाबड़ सड़क पर पानी से डूबे गड्ढों को पार करने के चक्कर में कई वाहन सवार तथा पैदल दुर्घटना के शिकार हुए। कई लोगों ने तो घर से वाहन निकलना ही मुनासिब नहीं समझा और कुछ दूर पैदल और आगे का सफर रिक्शा और आटो से तय किया। 

बारिश से गिरा जर्जर भवन

बारिश से बुलानाला पर जर्जर भवन का एक हिस्सा गिर गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। मैदागिन से चौक जाते समय मुख्य मार्ग पर जर्जर भवन का एक हिस्सा गिरने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कराई। जर्जर भवन को गिराने के लिए नगर निगम ने 10 जून को ध्वस्तीकरण आदेश पास किया था। 14 को नगर निगम को गिराना भी था। पुलिस फोर्स न मिलने के कारण भवन को पूरा गिराया नहीं जा सका। शनिवार को भवन का एक हिस्सा सड़क पर गिर गया। यदि नगर निगम ने इस जर्जर भवन के ऊपर हिस्से को नहीं गिराया तो भविष्य में जान-माल की क्षति हो सकती है।
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गंगा के जलस्तर में दो फीट से अधिक की बढ़ोतरी

वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश - फोटो : अमर उजाला
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने नाविकों की माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण शैवाल की समस्या तो दूर हो गई है लेकिन कई घाटों पर जलकुंभी ने डेरा डाल दिया है। गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। बीते 48 घंटों में गंगा के जलस्तर में करीब दो फीट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 59.14 मीटर था जो रात नौ बजे 59.35 मीटर तक पहुंच गया। 
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