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वाराणसी में ब्लैक फंगसः बीएचयू में अब तक 195 मामले, इनमें 52 की मौत, 95 मरीजों ने नहीं लगवाया कोरोना टीका

Sun, 20 Jun 2021 12:33 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस नई समस्या खड़ी हो गई है। बीएचयू अस्पताल में ब्लैक फंगस के 195 मरीज आ चुके हैं। इनमें 52 की मौत, 13 के डिस्चार्ज के बाद 130 का इलाज चल रहा है। इनमें 118 मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है। 
 
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बीएचयूः पोस्ट कोविड वार्ड से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किए जा रहे ब्लैक फंगस के मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीएचयू  अस्पताल में अब तक ब्लैक फंगस के 195 मरीज आ चुके हैं। इनमें 52 की मौत, 13 के डिस्चार्ज के बाद 130 का इलाज चल रहा है। इनमें 118 मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है।  

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इधर, वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज अब सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में होगा। पहले दिन शनिवार से 20 से अधिक मरीजों को शिफ्ट किया गया। यहां डॉक्टरों की टीम सभी की निगरानी कर रही है।  

बीएचयू अस्पताल की ओपीडी के साथ ही पहले की तरह भर्ती की व्यवस्था शुरू हो रही है, इसको देखते हुए ही पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों को एसएसबी में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। शनिवार दोपहर से मरीजों को एंबुलेंस से पोस्ट कोविर्ड वार्ड से एसएसबी में शिफ्ट किया जाने लगा।
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पहले दिन 20  से अधिक मरीज शिफ्ट किए गए हैं। इनमें अधिकांश मरीज ऐसे हैं, जिनको ऑक्सीजन की जरूरत है। पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती ब्लैक फंगस के सभी मरीजों को दो दिन के भीतर एसएसबी में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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ब्लैक फंगस के मरीजों के बारे में नये तथ्य

बीएचयू अस्पताल में आने वाले ब्लैक फंगस के 195 मरीजों में 95 ऐसे मरीज मिले, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया था। इसके साथ ही इन मरीजों में शुगर की समस्या भी पहले से अधिक रही। चिकित्सकों के अनुसार अगर कोरोना का टीका मरीजों ने लगवाया होता तो शायद ब्लैक फंगस के साथ ही कोरोना के संक्रमण से भी बचा जा सकता था।

बीएचयू अस्पताल के डिप्टी एमएस प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि अस्पताल आने के बाद जब मरीजों की जांच की गई और उनसे पहले के बीमारी के बारे में पूछताछ की गई तो उनमें शुगर होने के साथ ही टीकाकरण न कराने की जानकारी मिली।

बताया कि अब तक जितने में भी मरीज अस्पताल में आए हैं, लगभग सभी में शुगर की समस्या है। चिंता की बात यह है कि इसमें कई में तो पहले से शुगर नहीं था लेकिन कोरोना संक्रमण अधिक होने के दौरान अस्पताल में स्टेरॉयड का प्रयोग भी शुगर की वजह मानी जा सकती है। 
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