वाराणसी। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में खेल और खेल संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए सौ दिन की कार्य योजना में तहत 50 खेल मैदानों को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। 90 दिन बीतने के बाद सिर्फ 11 खेल मैदान का निर्माण शुरू हो पाया। तीन विभागों के फेर में अभी 39 खेल मैदान के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल मैदान, ओपन जिम और स्टेडियम की सुविधा मुहैया कराने के लिए मेजर ध्यान चंद खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत अप्रैल में 100 दिन की कार्य योजना के तहत 50 खेल मैदानों का निर्माण लक्ष्य था। लेकिन 90 दिनों में तीन विभाग राजस्व विभाग, युवा कल्याण विभाग और मनरेगा मिलकर सिर्फ 11 खेल मैदानों का निर्माण कार्य शुरू करा पाए हैं। जबकि 39 खेल मैदान का काम अभी शुरू नहीं हो सका है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि अभी तक हरहुआ के तारापुर में, पिंडरा के टिकरी खुर्द में, काशी विद्यापीठ ब्लाक के अमरा, खैराचक, अखरी, विशुनपुर, गजाधरपुर, कोरौता और रमना में, चोलापुर के कटारी और ताला में आराजीलाइन के कपरफोरवा में कुल 11 खेल मैदानों के निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि बाकी के 39 खेल मैदानों के जमीन के चिह्नांकन का कार्य किया जा रहा है। जिले में कुल 50 खेल मैदानों का विकास का लक्ष्य था। इसमें काशी विद्यापीठ में पांच, हरहुआ, चिरईगांव में पांच-पांच, सेवापुरी, बड़ागांव में छह-छह पिंडरा में छह आराजीलाइन में आठ और चोलापुर में नौ खेल मैदानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था।