डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र मंच विरासत की ओर से आयोजित व्याख्यान में पंचायती राज व्यवस्था पर चर्चा की गई। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतन स्टडीज के स्कूल ऑफ सोशल साइंस की डॉ. पूर्णिमा त्रिपाठी ने देश में पंचायती राज व्यवस्था के बारे कहा कि 1992 में संविधान के 73वें संविधान संशोधन द्वारा इसे और मजबूती मिली है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित व्याख्यान में डॉ. पूर्णिमा ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में संशोधन में इसे सुव्यवस्थित एवं कानूनी आधार दिया गया है। संयोजन डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने किया। इस दौरान डॉ. लक्ष्मी कांत सिंह, डॉ. शोभनाथ पाठक, मधु सिसोदिया, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. हसन बानो, डॉ. प्रतिमा गोंड आदि मौजूद रहे।