17 दिसंबर 2025 को हाथरस जनपद से स्थानांतरित होकर मऊ आया था। पूर्व में तैनाती वाले जनपदों में भी इसी तरह की शिकायत पर स्थानांतरण हो चुका है। फिरोजाबाद जिले में तैनाती के दौरान धोखाधड़ी से संबंधित मामले दर्ज हैं।
बीते दिसंबर माह में इसने लालज देकर पुलिस लाइन में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही कौशलानंद पांडेय, धीरज गोड़, पुलिस लाइन में लगी लिफ्ट में काम करने वाले हेमंत पाल के साथ महेश सिंह और अजीत पांडेय से 83 हजार रुपये ले लिया था। इसने इन सभी को मन मुताबिक पोस्टिंग दिलाने का झांसा दिया था।
धोखाधड़ी की बात पता चलने पर 22 दिसंबर 2025 को सभी ने पुलिस अधीक्षक को इस बात से अवगत कराया था। इस मामले में सरायलखंसी थाना में गजेंद्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभी ये मामला निपटा नहीं था कि इसकी तैनाती घोसी तहसील में बतौर सुरक्षा गार्ड कर दी गई। वहां भी इसने मजबूरियां बताकर पुलिसकर्मियों से उधार पैसे लिए।
आरोप है कि सिपाही गजेंद्र यादव बीते चार जून की सुबह 11:30 बजे कोपागंज स्थित निकिता जायसवाल के जनसेवा केंद्र पर पहुंची। अपनी तैनाती का स्थान कोपागंज थाना बताया और ट्रांजेक्सन लिमिट समाप्त होने का बहाना किया। घर पर ईंट और बालू गिरवाने की बात कहकर जनसेवा केंद्र से 1.30 लाख रुपये अलग अलग नंबरों पर भेजवाया। नकद देने की बात कहकर थाना के पास ले गया और चकमा देकर भाग गया।
सिपाही गजेंद्र यादव के विरुद्ध मऊ सहित कई जिलों में धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है। उसने पूर्व में भी पुलिसकर्मियों से उधार पैसे लिए और नहीं दिया। इसके विरुद्ध लोगों से वसूली की भी शिकायत मिली है। - अनूप कुमार, एएसपी, मऊ