पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर जब परिजन कब्रिस्तान पहुंचे तो नबील अली बेसुध अवस्था में मिला। आरोप यह भी लगाया गया है कि घटना के दौरान एक आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और कब्रिस्तान में ही दफना देने की धमकी दी।
अरशद अली ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि इसी वर्ष फरवरी माह में उनके छोटे भाई खालिद अली और पुत्र नबील अली पर भी इन्हीं आरोपियों ने करीब 15 अन्य लोगों के साथ मिलकर हमला किया था, जिसमें दोनों घायल हुए थे।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर पांच नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।