कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाहर रोकती पुलिस।
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हाथरस के बाद अब आजमगढ़ की पीड़िता पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सपा के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बालिका के परिजनों से मिलने पहुंचा।परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। पीड़िता के परिजनों ने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए।
मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधि मंडल बीएचयू पहुंचा। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने से रोक दिया। इसको लेकर पुलिस से कहासुनी भी हुई। जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने बताया कि बीएचयू के बाहर पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। बच्ची के पिता और दादा से मुलाकात हुई है।
परिजन से मुलाकात करते कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
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उन्होंने बताया कि बच्ची का बेहतर इलाज मिल रहा है। परिजनों का कहना है कि बच्ची की जिंदगी बर्बाद करने वाले को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परिजनों को आश्वासन दिया कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ डटे रहेंगे।
इसके पूर्व सोमवार को सपा नेता शालिनी यादव ने बच्ची के परिवार वालों से मुलाकात की थी। बता दें कि पांच दिन पहले आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में दुष्कर्म का शिकार आठ वर्षीय बच्ची को बीएचयू रेफर किया गया था। उसे पीडियाट्रिक सर्जरी की जरूरत थी। प्रशासन के अनुसार अब उसकी हालत में सुधार है। इस दौरान ओपी ओझा, डॉ जितेंद्र सेठ, मनीष मोरोलिया, दिलीप चौबे, आनंद सिंह, देवेंद्र सिंह, रामाश्रय पटेल, तुषार श्रीवास्तव मौजूद रहे।