निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के आधा दर्जन वार्डों से लेकर रामनगर पालिका परिषद और गंगापुर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पार्टी ने बागियों से निपटने की तैयारियां कर ली हैं। संगठन स्तर पर बागियों से निपटने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि अनुशासनहीनता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रामनगर पालिका परिषद में रेखा शर्मा पर फटाफट कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ता भी सकते में हैं। उनका कहना है कि शहर में आधा दर्जन से बागी पार्षद पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं बावजूद इसके उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
लक्सा, रामापुरा, सरैयां समेत कई वार्डों में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने निर्दल पर्चा भरकर पार्टी को चुनौती दी है। संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लंबे अरसे से कांग्रेस में खींचतान चल रही है। जैसे ही निकाय चुनाव नजदीक आया असंतुष्टों की लंबी फौज खड़ी हो गई।
जैसे ही जिला चुनाव संचालन समिति ने बनारस नगर निगम के 37 प्रत्याशियों की सूची जारी की रामापुरा वार्ड के दावेदार ने मोर्चा खोलते हुए 41 समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इसके बाद जिला चुनाव संचालन समिति ने गोपनीयता बरतनी शुरू की।
पार्टी की गोपनीयता का आलम यह रहा कि बनारस नगर निगम के मेयर व 87 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियो की सूची तो जारी की गई लेकिन रामनगर पालिका परिषद व गंगापुर टाउन एरिया की सूची अब तक जारी नहीं हो सकी।
पार्टी पदाधिकारियों ने प्रदेश स्तर से हासिल सूची के अनुसार प्रत्याशियों को सीधे सिंबल आवंटित कर दिया। रामनगर पालिका परिषद में रेखा शर्मा और चार सौ समर्थकों के इस्तीफे की सूचना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
हालांकि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा का कहना है कि उन्हें किसी का भी इस्तीफा नहीं मिला है। रेखा शर्मा का कहना है कि जिला कमेटी अपनी मनमानी पर उतारू है। इसकी शिकायत राहुल गांधी से की जाएगी।