महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है। निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि यदि लंबे समय से संचालित मतदान केंद्रों को अचानक बदल दिया जाता है तो सबसे अधिक परेशानी वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मतदाताओं को होगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती अधिक से अधिक मतदान में निहित है। ऐसे में कोई भी निर्णय ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो या उन्हें मतदान के लिए अनावश्यक दूरी तय करनी पड़े। उन्होंने प्रशासन से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्णय लेने की अपील की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मतदाताओं की सुविधा की अनदेखी कर मतदान केंद्रों के स्थानांतरण का निर्णय लिया गया तो पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर इसका विरोध करेगी। इस दौरान फसाहत हुसैन बाबू, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, रमजान अली, अशोक सिंह, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी, अफसर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।