अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान पांच अक्तूबर को गोदौलिया में हुए बवाल मामले में गिरफ्तार कांग्रेस विधायक अजय राय पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती बढ़ती जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद पहले तो उन्हें फतेहगढ़ जेल भेजा गया और अब उनके खिलाफ बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से अजय राय को एक साल तक जेल में रहना पड़ सकता है। पुलिस चार अन्य लोगों के खिलाफ भी रासुका लगाने की तैयारी कर रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद गोदौलिया बवाल में फंसे लोगों में खलबली मच गई है।
गंगा में मूर्ति विसर्जन करने के लिए अड़े संतों, कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना समेत अन्य संगठनों ने पांच अक्तूबर को टाउन हाल से दशाश्वमेध तक अन्याय प्रतिकार यात्रा निकालने का एलान किया था।
यात्रा के गोदौलिया चौराहे के करीब पहुंचते ही बवाल हो गया। भीड़ ने पुलिस की तीन जीप, तांगा स्टैंड में खड़ी 25 बाइक फूंक दी थी। पुलिस ने इस मामले में 106 लोगों के खिलाफ नामजद और सैक ड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन पर हत्या के प्रयास, डकैती समेत कई धाराएं लगाई गई थीं।
इस मामले में नामजद अजय राय को छह अक्तूबर की रात गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बुुधवार को पुलिस और प्रशासन ने अजय राय के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की। एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि पांच अक्तूबर के बवाल में अजय राय की प्रमुख भूमिका थी। उनकेे खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है। कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।