अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां और कार्यशैली वंचित-विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आए थे, वे आज सबका शोषण और सबका उत्पीड़न करने में लगे हैं। समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को अपमान और अमानवीयता का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा और संघ की सोच में दलित, आदिवासी व अल्पसंख्यक आज भी दूसरे दर्जे के नागरिक माने जाते हैं।
कांग्रेस नेता राय ने बिहार चुनाव पर कहा कि बिहार में एनडीए और नीतीश सरकार ने सिर्फ शराब तस्करी का रोजगार दिया दिया है। आज बिहार के किसान, युवा, दलित, पिछड़े वर्ग के लोग नीतीश सरकार के कुशासन से आजिज आ चुके हैं। बिहार में जनता पूर्ण रूप से बदलाव का मन बना चुकी है। इस चुनाव में जनता इसे अपने वोटों से सिद्ध भी करेगी।
अजय राय ने जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के बयान पर कहा कि ये वही प्रशांत किशोर हैं, जो पीएम मोदी से झूठ बुलवाते थे। ये वही प्रशांत किशोर हैं, जिन्होंने 2014 में पीएम मोदी के साथ काम किया था, इसलिए बिहार के लोग उन पर विश्वास नहीं करते हैं।
एनसीआरबी रिपोर्ट पर किया हमला
अजय राय ने एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में साफ लिखा है कि एससी/ एसटी के खिलाफ अपराधों में सबसे ज्यादा वृद्धि उत्तर प्रदेश में हुई है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मोदी-योगी सरकार की मानसिकता का प्रमाण है। अगर सरकार को सच में समाज के वंचित तबके की चिंता होती, तो ऐसी भयावह स्थिति कभी नहीं बनती।
उन्होंने कहा कि यूपी में दलितों और पिछड़ों पर होने वाले अत्याचारों की सूची इतनी लंबी है कि इस पर एक किताब लिखी जा सकती है। कभी दलित युवक को मुंह में मल भर दिया जाता है, कभी आदिवासी पर पेशाब किया जाता है, कभी वंचितों को निर्वस्त्र कर जुलूस निकाला जाता है। यह प्रदेश आज शर्मसार है और सरकार मौन दर्शक बनी बैठी है। कहा कि अभी हाल ही में फतेहपुर, रायबरेली, काकोरी आदि में घटी अमानवीय घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।