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वाराणसीः फर्म के बैंक खाते से कंप्यूटर ऑपरेटर ने एप की मदद से उड़ाए आठ लाख, 4 माह बाद पुलिस ने पकड़ा

Fri, 01 Oct 2021 05:02 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जून में घटी घटना का वाराणसी के साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के बाबतपुर स्थित एक फर्म अकेला ट्रेडर्स के खाते से उसके कंप्यूटर ऑपरेटर ने मोबाइल एप और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से करीब आठ लाख रुपए उड़ा दिए।  जून में घटी घटना का वाराणसी के साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। गिरफ्त में आए आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर के पास से 17,900 रुपए बरामद हुए हैं।

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शुक्रवार को आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक,  नौ जून को चंद्रमणि जायसवाल निवासी नई बस्ती (पांडेयपुर) साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत की थी। बताया था कि  उसके अकेला ट्रेडर्स फर्म के बैंक खाते से एक अप्रैल से 31 मई 2021 के बीच 7,90,450 रुपए अवैध रूप से साइबर अपराधियों ने गायब कर दिया है।

मामले की जांच एसआई सुनील कुमार यादव को दी गई। बैंक से विवरण लेने के बाद पता चला कि उक्त घटना में अकेला ट्रेडर्स के कर्मचारी का ही हाथ है। इस जानकारी के बाद जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि फर्म  अकेला ट्रेडर्स का कंप्यूटर ऑपरेटर  सौरव कुमार सिंह (25) उर्फ राहुल निवासी खुशहाल नगर सेक्टर-2 नटनियादाई ने वारदात को अंजाम दिया है।  
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गुरुवार रात करीब नौ बजे पुलिस ने आरोपी सौरव को  नटनियादाई मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने गुनाह कबूल किया।

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ऐसे गायब किए खाते से रुपये

आरोपी सौरव ने बताया कि वह इंटर पास है। दिसंबर 2020 से अकेला ट्रेडर्स फर्म में नौकरी शुरू की। गाड़ियों की फिटनेस फीस, इंश्योरेंस फीस, रजिस्ट्रेशन फीस और परमिट फीस वगैरह ऑनलाइन जमा करना उसका काम था। उसे फर्म की आईडी- पासवर्ड और खाते से संबंधित पूरी जानकारी थी। कर्ज और देनदारी के कारण वह लालच में आ गया।  फर्म की आईडी-पासवर्ड और बैंक के खाता का दुरुपयोग करने लगा।

बिना किसी को  बताए मोबाइल में फ्री चार्ज एप डाउनलोड कर फर्म के खाते को उस एप जोड़ दिया था। फिर फर्म के खाते से धीरे-धीरे अपने खाते/ वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करने लगा।  उसके बाद उस पैसे को अपने परिचितों के खाता/वॉलेट मे ट्रांसफर कर देता था।

फिर अपने परिचितों के खाते/वॉलेट में भेजे गए पैसे उनसे नगद ले लेता था या अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था। इस तरीके से उसने कुछ ही दिन में 7,90,450  रुपए फर्म के बैंक खाते से उड़ा दिया। सौरव ने बताया कि उसने पैसे को देनदारी और अपने शौक में खर्च कर डाला। उसके पास से जालसाजी में प्रयुक्त मोबाइल, सिम और एटीएम भी बरामद किया गया है।
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