इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं सुशासन) पर सेमिनार हुआ। भारत सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत यूपीकॉन के सहयोग से सिपेट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक मानकों के प्रति जागरूक करना था।
अध्यक्षता करते हुए आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक सप्लाई चेन में ईएसजी मानकों का पालन अब वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य होता जा रहा है। बड़े उद्योग और विदेशी खरीदार अब उन्हीं इकाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो पर्यावरण और सामाजिक मानकों पर खरी उतरती हैं। भविष्य में सरकार एमएसएमई इकाइयों के लिए ईएसजी प्रमाणन को कानूनी रूप से अनिवार्य भी कर सकती है, इसलिए समय रहते इसे अपनाना उद्योगों के लिए दूरदर्शी कदम होगा।
मुख्य अतिथि उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने उद्यमियों से अपील की कि वे दीर्घकालिक सतत विकास के लिए इन मानकों को जल्द अपनाएं। उन्होंने इस दौरान प्रदेश सरकार की विभिन्न एमएसएमई योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रशिक्षण के अंत में उपस्थित 75 उद्यमियों और प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया और एमएसएमई के क्षेत्रीय सहायक निदेशक राजेश चौधरी ने भी विचार रखे। इस दौरान अनुपम देवा, नीरज पारिख, प्रशांत अग्रवाल, राकेश जायसवाल, वशिष्ठ यादव, मनीष कटारिया समेत कई लोग मौजूद रहे।