उत्तर प्रदेश के जौनपुर में फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ राजद्रोह और धार्मिक भावनाएं आहत करने का परिवाद आनंद श्रीवास्तव ने सोमवार को एसीजेएम सीनियर डिवीजन द्वितीय धनंजय मिश्र की कोर्ट में दाखिल किया।
मजिस्ट्रेट ने इसे स्वीकार करते हुए परिवादी के बयान के लिए तीन जनवरी की तिथि नियत की है। वकील श्रीवास्तव ने कोर्ट में परिवाद दाखिल कर कहा है कि अभिनेता के भड़काऊ वक्तव्य से मीडिया पर देख व सुनकर उनकी और साथियों की भावनाएं आहत हुईं। परिवादी की ओर से वकील रवींद्र विक्रम सिंह और हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि शाह के वक्तव्य का व्यापक असर पड़ता है।
शाह के ‘देश के समाज में जहर फैल चुका है। हिंदुस्तान में डर लगता है। फिक्र है कि कल उनके बच्चों को किसी भीड़ ने घेर लिया और पूछा कि वह हिंदू है या मुसलमान तो उनके पास जवाब नहीं होगा। इस देश में कानून को हाथ में लेने की खुली छूट मिल गई है।’ उनका यह बयान राजद्रोह की श्रेणी में आता है क्योंकि उससे भय व असुरक्षा की भावना पैदा हुई। उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।