पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने रविवार की रात रोहनिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विवेक कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि उनके द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम के सदस्य गत मई माह में पांच बार फरियादी बन कर रोहनिया थाने गए।
फरियादी के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर पांचों बार का फीडबैक नकारात्मक मिला। साथ ही, सीएम डैशबोर्ड के पैरामीटर में रोहनिया थाना कमिश्नरेट में सबसे निचले पायदान पर है। इसी वजह से रोहनिया थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस आयुक्त ने रोहनिया थाने का थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजू सिंह और रामनगर थाने का थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर दुर्गा सिंह को नियुक्त किया है। वहीं, जंसा थाने का थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अनिल कुमार शर्मा को नियुक्त किया है।
पुलिस आयुक्त ने यातायात पुलिस लाइन स्थित सभागार में क्राइम मीटिंग की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यातायात मित्रों के सुझावों पर अमल करें। शहर के चिह्नित चौराहों और मार्गों पर उत्तरदायी अधिकारी द्वारा यातायात मित्र बनाते रहें और उनके साथ नियमित बैठकें करें।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि भ्रमण के दौरान वह यातायात मित्रों से संपर्क कर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में फीडबैक लेंगे। सुगम यातायात व्यवस्था बनाने में असफल रहने वाले उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जनशिकायतों का गुणात्मक और प्रभावी निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उसी के आधार पर पुलिसकर्मियों की कार्य कुशलता का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक घटना पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई हो।
महिला संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन हो। थाना स्तर पर शोहदों की सूची बनाकर उनकी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए। टॉप-10 और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाए।
पुलिस विभाग एक परिवार, हर सदस्य मूल्यवान
पुलिस आयुक्त ने सैनिक सम्मेलन में कहा कि पुलिसकर्मी की समस्या चाहे व्यक्तिगत हो या ड्यूटी से संबंधित हो, वह यह कभी न समझें कि अकेले हैं। पुलिस विभाग एक परिवार है और इस परिवार का हर एक सदस्य मूल्यवान है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि एसीपी लाइंस और प्रतिसार निरीक्षक थानों में आवश्यकतानुसार कूलर, पंखे, वाटर कूलर, इनवर्टर और तख्त भिजवाएं।
पुलिस कर्मियों की समस्याओं के निराकरण में रुचि न लेकर शिथिलता बरतने वाले बाबुओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी थानाध्यक्ष प्रत्येक माह थाना स्तर पर सैनिक सम्मेलन आयोजित कर पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निराकरण कराएं। जो जटिल प्रकरण हों, उन्हें मुख्यालय स्तर पर सैनिक सम्मेलन में प्रस्तुत करें।