लड़की होने की वजह से मिलते थे ताने
फ्रीस्टाइल कुश्ती खिलाड़ी पूजा सिहाग ने बताया कि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स देखकर ही मैंने खेल का सफर शुरू किया था। लड़की होने के कारण खेल में मुकाम बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। पड़ोसी से घर वालों तक के ताने सुनने पड़ते थे। अपनी मेहनत से कुश्ती में पदक जीतकर सबको मुंह तोड़ जवाब दिया। जो कहते थे कि कुश्ती लड़कियों के लिए नहीं है, वे आज अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ा रहे हैं। पदक ने मुकाम दिलाया है।