वाणिज्यिक न्यायालय ने टेंडर लेकर काम कराने वाली फर्म के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नगर निगम के 90 लाख 49 हजार 313 रुपये कुर्क करने का आदेश दिया है। फर्म ने काम कराने के बाद भुगतान रोक दिया था। इसी मामले में कोर्ट का फैसला आया है।
वाणिज्यिक न्यायालय के न्यायाधीश पीएन राय ने नगर निगम के 90 लाख 49 हजार 313 रुपये कुर्क करने का आदेश दिया है। यह आदेश अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक को एक फर्म के वाद पर दिया है।
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प्रकरण के अनुसार, मेसर्स जेके एंड कंपनी ने वर्ष 2008 से 2018 तक नगर निगम के टेंडर लेकर खड़ंजा लगाने सहित कई अन्य काम किए थे। नगर निगम ने काम की गुणवत्ता को संतोषजनक न पाते हुए फर्म का भुगतान रोक दिया था। फर्म ने आर्बिट्रेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने फर्म के पक्ष में आदेश पारित किया। उसके आधार पर फर्म ने कॉमर्शियल कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने कहा कि नगर निगम का खाता नीचीबाग स्थित पंजाब नेशनल बैंक में है। उस खाते में एक अरब 58 करोड़ 14 लाख 57 हजार 879 रुपये हैं। फर्म को 90 लाख 49 हजार 313 रुपये भुगतान किया जाना है।
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अदालत ने गत दिनों पंजाब नेशनल बैंक को आदेशित किया था कि अगले आदेश तक नगर निगम के खाते से 90 लाख 49 हजार 313 रुपये अटैच कर दिया जाए। उसी क्रम में न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए 90 लाख 49 हजार 313 रुपये कुर्क कर संरक्षित करने का आदेश दिया है।