सिटी के बाहर चलने वाले ऑटो संचालकों को छह माह का समय दिया गया है। परिवहन अधिकारी ने बताया कि बिना सीएनजी वाले आटो के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम कार्यालय में करीब 11 हजार के रिक्शा पंजीकृत हैं। रिक्शा चालकों को नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा के लिए डूडा द्वारा बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। वार्डों में हिसाब से रिक्शा संचालन बंद करने की तैयारी है।