सीएम ने कहा कि गंगा घाटों से लेकर शहर की सड़कों, गलियों और मुहल्लों में काशी विश्वनाथ धाम के इतिहास और उसके नवनिर्माण की गाथा जन-जन को सुनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की साफ-सफाई से लेकर साज-सज्जा आदि के कार्यक्रमों पर भाजपा के अनुशासित कार्यकर्ता बारीकी से ध्यान दें। इसके अलावा संगठन के स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन से समन्वय बनाकर आयोजन को इस तरह से सफल बनाएं कि उसकी चौतरफा प्रशंसा हो।
श्री काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में मिनी काशी की झलक दिखेगी। यहां काशी के परंपरागत परिधान, खानपान, कला, संस्कृति से जुड़े सामानों के दुकान बनेंगे। यहां कुल 72 दुकानें बनी हैं। इसमें पहले से जो लोग काशी विश्वनाथ मंदिर के पास दुकान कर रहे हैं, उनको आवंटन में वरीयता दी जाएगी। यहां काशी से जुड़ी सभी चीजें एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसमें बनारसी साड़ी, सूट, खानी, कचौड़ी भी मिलेगी।
देवाधिदेव महादेव के भक्त अब काशी में आते ही सीधे बाबा दरबार में पहुंचकर काशी पुराधिपति के दर्शन कर पाएंगे। काशी विश्वनाथ धाम का 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। इसको लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। बाबा दरबार में आने वाले लोगों को सुगम दर्शन मिलेगा। यहां सामान रखने और स्नान करने तक भटकना नहीं होगा।
मंदिर में श्रद्धालुओं के आने से लेकर उनके दर्शन करने की जिस तरह की व्यवस्था की गई है, वह बाबा के भक्तों को सुखद अहसास कराने वाला है। अपना सामान, मोबाइल, कैमरा सहित अन्य सामान लेकर भक्त सीधे बाबा दरबार में प्रवेश करेंगे।
यहां बने यात्री सुविधा केंद्र में सामान रखकर मन माफिक तरीके से बाबा दर पर पहुंचेंगे। काशी विश्वनाथ धाम में जो भी प्रवेश द्वार बने हैं, यहां पर यात्री सुविधा केंद्र है। इसमें सामान, प्रसाधन, यात्रियों के लिए अन्य सुविधाएं भी है। पहली बार ऐसा होगा कि अंदर घुसने के बाद दर्शन कर के ही श्रद्धालु बाहर निकलेंगे।