हर सप्ताह रविवार को सीएम आरोग्य मेला लगाया जाता है। इसमें मरीजों को परामर्श के साथ ही जरूरी दवाइयां भी दी जाती हैं। बनारस समेत प्रदेश के सभी जिलों में लगने वाले मेले में हर सप्ताह तीन से पांच लाख मरीजों को देखा जाता है।
भारत का स्वास्थ्य ढांचा दुनिया के कई विकसित देशों के लिए बेहतर मॉडल है। कोरोना काल में जिस तरह से देश में स्वास्थ्य संकट गहराया था, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से न केवल भारत में स्वास्थ्य संकट से अच्छे तरीके से उबरा गया, बल्कि दूसरे देशों की भी भारत ने पूरी मदद की। जान है जहान है का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका ख्याल रखा। जिस तरह कोरोना पर नियंत्रण पाया गया, उसी तरह इंसेफेलाइटिस की चुनौतियों से भी निपटा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नई-नई गाइडलाइनें बनाई जा रही हैं। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता 4600 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी संसाधनों से सुदृढ़ करना हैं। इस उद्देश्य के साथ जहां हर सप्ताह आरोग्य मेला लगाया जा रहा है, वहीं हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर हेल्थ एटीएम की स्थापना की गई है। भारत का स्वास्थ्य ढांचा दुनिया के कई विकसित देशों के लिए बेहतर मॉडल है। कोरोना काल में जिस तरह से देश में स्वास्थ्य संकट गहराया था, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से न केवल भारत में स्वास्थ्य संकट से अच्छे तरीके से उबरा गया, बल्कि दूसरे देशों की भी भारत ने पूरी मदद की। जान है जहान है का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका ख्याल रखा। जिस तरह कोरोना पर नियंत्रण पाया गया, उसी तरह इंसेफेलाइटिस की चुनौतियों से भी निपटा गया। मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस उन्मूलन की चर्चा करते हुए कहा कि पहले साल में 1200 से 1500 मौतें होती थीं, लेकिन अब यह पूरी तरह नियंत्रित हो चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की चर्चा की। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ आदि जगहों से स्वास्थ्य मंत्री, अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य कॉन्क्लेव में शामिल होने आए सीएचओ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सकों के साथ ही सीएचओ ने भी अहम भूमिका निभाई। विशेषकर जहां बीमार, वहीं उपचार वाले पीएम के मंत्र को सीएचओ की मदद से आगे बढ़ाया गया। इसका परिणाम था कि न केवल कोरोना प्रबंधन बल्कि सभी तरह की बीमारियाें पर नियंत्रण पाया गया। सीएचओ ने लोगों के घर पहुंचकर कोरोना को लेकर उनके भीतर व्याप्त भ्रांतियां को दूर कराया। इसके लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी।