रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, हमने ऐसा भी प्रधानमंत्री देखा है, जो सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में राष्ट्रपति को भेजने के खिलाफ थे। मगर, फर्क है कि अब ऐसा प्रधानमंत्री भी देख रहे हैं, जो अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य का खुद अपने कर कमलों से शुभारंभ करते हैं।
जब प्रधानमंत्री ने गरीब जनता के जन धन अकाउंट खोले तो अपने राज में एक रुपये में से 85 पैसा खाने वाले सवाल उठा रहे थे। इसी बैंक खाते के जरिए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है। सभी योजनाएं बिना किसी भेदभाव के साथ चल रही हैं।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में मोदी @20 पुस्तक का विमोचन
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी व्यक्ति की योग्यता की जांच संकट के समय निर्णय लेने की क्षमता, कार्यपद्धति और धैर्य की परीक्षा से कर सकते हैं। पीएम मोदी ने हमेशा प्रतिकूल परिस्थितियों में दुनिया के सामने प्रतिमान स्थापित किया है। कोराना महामारी के दौरान पीएम मोदी ने परिणाम की चिंता किए बगैर पहले दिन से ही देश को मंत्र देने का कार्य किया। नौ महीने में दो वैक्सीन बने, जबकि गोरखपुर से सहारनपुर तक दशकों तक इंसेफलाइटिस के प्रभाव के बाद भी इसका पहला टीका 100 साल बाद भारत को मिला था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने आठ साल पहले झाड़ू उठाया तो लोगों में कौतूहल था। मगर इसने अभियान का रूप लिया और बीमारियां कम हुई। पीएम मोदी ने विरासत को सम्मान का उदाहरण भी योग को दुनियाभर में मान्यता दिलाकर दी। महात्मा गांधी के नाम पर सरकार चलाने वालों ने उनके विचारों पर ध्यान नहीं दिया। मगर, पीएम मोदी ने काशी में विश्वनाथ धाम बनाकर दुनिया को दिखाया।
बीएचयू कुलपति और सीएम योगी
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मोदी@ 20 पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में क्षेत्रीय अध्यक्ष महेशचंद श्रीवास्तव ने काशी की 11 विभूतियों, जिसमें पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह, पद्मश्री शिवनाथ मिश्र, पद्मश्री रजनीकांत, पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य, ख्यातिलब्ध समाज वैज्ञानिक प्रो. अरविंद जोशी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ. हरेंद्र राय, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रो. रामनारायण द्विवेदी, पं श्रीकांत मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार भारतीय बसंत कुमार व स्नेह रंजन आदि का अंगवस्त्रम एवं पुस्तक भेंट कर सम्मान किया।