प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के अध्ययन-अध्यापन एवं शोध कार्य को यूजीसी के नियमानुसार कराने तथा प्रत्येक दो माह में शैक्षिक गतिविधियों एवं विश्वविद्यालय की अन्य सकारात्मक गतिविधियों की आख्या प्रस्तुत करते रहने का निर्देश दिया है।
सीएम ने प्रवेश संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी विभागों में आंतरिक रूप से स्थानांतरण पद्धति का प्रयोग कर संपूर्ण कार्यों में पारदर्शिता अपनाने पर बल दिया जा रहा है। सीएम ने विश्वविद्यालय के अध्यापकों, महाविद्यालय के अध्यापकों एवं माध्यमिक संस्कृत परिषद में अध्यापकों के नियुक्तियों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है।