स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 200 नंबर के आधार पर रैंकिंग घोषित की गई। वाराणसी नगर निगम ने 200 अंक के कार्य में से 192 अंक के कार्य किए। जांच के बाद वाराणसी को कुल 176.5 अंक मिले। 23.5 अंक से वाराणसी चूक गया। वाराणसी नगर निगम के अनुसार 23.5 नंबर कम मिलने की कई वजहें हैं। इसके लिए नगर निगम के साथ बिजली विभाग और आरटीओ भी जिम्मेदार है। नगर निगम के कूड़ा निस्तारण में शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिलने की मुख्य वजह है। ज्यादा पॉवर कट होने की वजह से जनरेटर का इस्तेमाल ज्यादा किया गया। इसके धुआं से वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा। इसके साथ ही शहर में वाहनों से निकले वाले धुएं की वजह से वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई।