अस्पतालाें की तर्ज पर स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश तो चल रही है, इसी बीच सिटीजन चार्टर भी लागू कर दिया गया है। शहरी और ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद लोगों को यहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी मिलेगी, साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही भी बढ़ जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर जो डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। इस पर ओपीडी, भर्ती से लेकर जांच में लगने वाले समय के साथ अन्य जानकारियां दी गई हैं। जल्द ही अस्पतालों में भी यह डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुल मिलाकर 50 से अधिक पीएचसी, सीएचसी हैं। सिटीजन चार्टर के लागू होने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों पर जो डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है, उसमें विशेषज्ञ, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स सहित अन्य कर्मचारी की तैनाती, ओपीडी, डिलीवरी, टीकाकरण सहित अन्य सुविधाओं का कमरा नंबर, जांच आदि का ब्योरा दर्ज है। केंद्रों पर मरीज तो समय से आ जाते हैं, लेकिन उन्हें ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्रों पर कौन-कौन सी जांच होती है, यहां कब से कब तक ओपीडी चलेगी। भर्ती की क्या व्यवस्था है। ये सभी जानकारियां सिटीजन चार्टर में लिखी हैं। जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ सहित अन्य केंद्रों पर यह डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। अगर किसी स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी करनी हो तो 104 नंबर पर ली जा सकती है।
मरीजों की सुविधाओं और पारदर्शिता के लिहाज से ही सिटीजन चार्टर को लागू कराया जा रहा है। इससे लोगों को सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या, ओपीडी पंजीकरण से लेकर टीकाकरण सहित अन्य सभी जानकारियां दर्ज हैं।-डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ