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Christmas 2023: पूर्वांचल के चर्चों में भोजपुरी में भी गूंज रही प्रार्थना, क्रिसमस को लेकर दिखने लगी रौनक

Sat, 23 Dec 2023 12:22 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

चर्च में कैरोल गीतों में समय के साथ ही बदलाव भी आया है। जन-जन से जुड़ने के लिए अब भोजपुरी में भी कैरोल गीत गुनगुनाए जा रहे हैं।
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Christmas 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रभु यीशु लिहले जनमिया, चरनी में बैतलहम नगरिया... की धुन जैसे ही कानों में उतरी तो भोजपुरी मन भी खिल उठा। पूरब दिशा में एक तरवा उगल रहे, उहे प्रभु जनम के निशनियां... अंतरा को पूरा किया। चर्च में कैरोल गीतों में समय के साथ ही बदलाव भी आया है। जन-जन से जुड़ने के लिए अब भोजपुरी में भी कैरोल गीत गुनगुनाए जा रहे हैं।

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क्रिसमस के पहले ही चर्चों की रौनक देखते ही बन रही है। घरों से लेकर चर्च तक कहीं कैरोल गीत गूंज रहे हैं तो कहीं तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अंग्रेजी और हिंदी के साथ ही अब लहू अनमोल यीशु जी के भाई, यीशु रऊरी चरन में दिनवा बिताइब... भोजपुरी गीत भी चर्चों में गूंज रहे हैं। शहर के चर्चों में भोजपुरी में क्रिसमस के गीत गुनगुनाए जा रहे हैं।

लाल चर्च के दलजीत डेविड खुद भोजपुरी गाने लिखते हैं। वे तीन सौ से अधिक गीत लिख चुके हैं। उन्होंने बताया कि मेरी प्रभु यीशु के प्रति आस्था है। उनके आशीष से ही लिख पाता हूं। महागिरजाघर में भोजपुरी कैरोल गाने वाले प्रदीप दीपक भी गीत लिखते हैं। उनके गीत-बधइया बाजे गोशाला में बधइया बाजे है। प्रेरणा कला मंच के अजीत कुमार भी गीत लिखते हैं। भजन की टोलियां घर-घर जाकर कैरोल गीत पेश करती हैं।

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पूर्वांचल के चर्चों में होती है भोजपुरी में प्रार्थना भी

Christmas 2023 - फोटो : अमर उजाला
सिगरा चर्च के पादरी फॉदर सेमजोशुआ सिंह ने बताया कि बनारस के चर्चों में अंग्रेजी, हिंदी के अलावा भोजपुरी में कैरोल गीत पेश किए हैं। मगर बलिया, जौनपुर, मऊ, गोरखपुर, महाराजगंज आदि जिलों में भोजपुरी में प्रार्थनाएं भी होती हैं। वैसे भोजपुरी में ही कैरोल गीत व प्रार्थना डेढ़ सौ साल पहले से ही हो रही है।

प्रभु यीशु के चरनी में जन्म की सजेगी झांकी
प्रभु यीशु प्राकट्योत्सव की सजीव झांकी छावनी स्थित महागिरजाघर में सजाई जाएगी। मसीही प्रार्थना करेंगे और यीशु के आगमन की खुशियां मनाएंगे। 25 दिसंबर से तीन दिनों तक चर्च में क्रिसमस की धूम रहेगी। चर्च के बाहर मेला लगेगा। काशी धर्म प्रांत के बिशप यूजिन जोसेफ ने बिशप हाउस में प्रेसवार्ता में बताया कि इस बार क्रिसमस पर शांति का पैगाम दिया जाएगा। 24 दिसंबर को रात 10.30 बजे प्रभु यीशु के चरनी में जन्म की झांकी सजाई जाएगी। प्रभु यीशु की आराधना की जाएगी। पुरोहित मीसा पूजा कराएंगे। 25 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे प्रार्थना होगी। दिन में एक बजे से क्रिसमस का उत्सव शुरू हो जाएगा। इस बार चर्च परिसर में झूला नहीं लगेगा। चर्च के बाहर ही अस्थायी दुकानें सजेंगी। चर्च परिसर में तीन दिनों तक कठपुतली नृत्य, मैजिक शो एवं पुस्तक प्रदर्शनी आदि लगाई जाएगी।
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