वाराणसी।
एटीएम में छेड़छाड़ और कार्ड बदल कर रुपये निकालने वाले गिरोह के आठ
सदस्यों को सिगरा पुलिस ने सोमवार सुबह नगर निगम के पास से गिरफ्तार कर
लिया। इनके पास से 1.20 लाख रुपये, 13 एटीएम कार्ड, 10 मोबाइल सेट और तीन
बाइक बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपियों में एक
मिर्जापुर और सात ज्ञानपुर,
भदोही के वाले हैं। ये सभी छात्र और संभ्रांत परिवार के हैं। गर्ल फ्रेंड
को महंगे गिफ्ट देने और अपना शौक पूरा करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम
देते थे। बरामद हुए रुपये से वे कार खरीदने वाले थे। यह खुलासा एसपी क्राइम
राहुल राज ने सोमवार दोपहर यातायात संगोष्ठी सदन में
पत्रकारों से बातचीत
के दौरान किया। एसओ सिगरा शिवानंद मिश्र को सूचना मिली कि नगर निगम के
पास कुछ युवक जालसाजी कर एटीएम से रुपये निकालने वाले हैं। इसके बाद वहां
पहुंची पुलिस ने घेरेबंदी कर तीन बाइक पर बैठे आठ युवकों को गिरफ्तार कर
लिया। इनमें भदोही जिले के ज्ञानपुर के चकटोडर
निवासी अनुपम तिवारी सूरज,
श्रीपुर ज्ञानपुर के पवन मिश्र, गिरधरपुर ज्ञानपुर के राहुल मालवीय,
केशवपुर सरपतहा-ज्ञानपुर के शुभम शुक्ला और शुभम तिवारी, सिंहपुर ज्ञानपुर
के धर्मेंद्र कुमार पांडेय, उमरिया ज्ञानपुर के नीरज मिश्रा और मिर्जापुर
जिले नंदनी, विंध्याचल निवासी चंद्रेश मिश्रा
शामिल हैं। अनुपम तिवारी
पांडेयपुर में रहकर आईटीआई करता है। उसके ऊपर भदोही पुलिस ने ढाई हजार का
इनाम घोषित किया है। बीटेक कर चुका पवन मिश्रा इलाहाबाद में प्रतियोगी
परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ कोचिंग में पढ़ाता था। नीरज मिश्रा मेडिकल
की तैयारी करता था। आरोपियों ने पुलिस
को बताया कि ज्ञानपुर निवासी मास्टर
माइंड सर्वेश और कप्तान तिवारी ने उन्हें इस गोरखधंधे में शामिल किया था।
दोनों फिलहाल मुंबई में हैं। दोनों ने इस गोरखधंधे से 50 लाख से ज्यादा की
संपत्ति बनाई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र मिर्जापुर, भदोही,
गाजीपुर, वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य
जनपदों में जाकर घटना को अंजाम
देते थे। बरामद 1.20 लाख रुपये गाजीपुर और मिर्जापुर से एक दिन में एटीएम
से निकाले गए हैं। जालसाजी से बनाई संपत्ति गई संपत्ति की जांच की जा रही
है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ सिगरा शिवानंद मिश्रा, एसआई अनिल कुमार
सिंह, श्रीकांत राय, विनय कुमार राय, चंद्रकेश शामिल थे।
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सिस्टम पाज कर करते थे जालसाजी
वाराणसी।
गिरफ्तार छात्रों ने पुलिस को बताया कि वे ज्यादातर पंजाब नेशनल बैंक और
यूनियन बैंक के एटीएम में जालसाजी करते थे। किसी ग्रामीण के एटीएम बूथ में
घुसते ही वे चार की संख्या में एटीएम में घुस जाते थे। संबंधित व्यक्ति के
पिन कोड डालते ही एक आरोपी बातचीत के दौरान ही एटीएम के
की-बोर्ड के बाएं
तरफ की बटन दबा देता था। ऐसा करने से वे सिस्टम पाज कर देते थे। पीछे खड़े
आरोपी के साथ जल्दबाजी की बात कर संबंधित व्यक्ति को बाहर निकाल देते। उसके
बाहर जाते ही की-बोर्ड के बाएं तरफ का बटन दबाते ही सिस्टम सही होे जाता।
आरोपी पैसे निकाल भाग जाते। इसके अलावा वे मदद के नाम पर एटीएम कार्ड
बदलकर रुपये निकाल लेते थे।