वहीं घटना से नाराज कौरहा गांव के ग्रामीणों ने घटना से आक्रोशित होकर नगर से गुजरे रायबरेली जौनपुर मार्ग को बरईपार चौराहे पर जाम कर दिया है। उनकी मांग थी कि घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराए साथ ही घर के समीप से गया पोल हटाया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं, कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामप्रवेश कुशवाहा और सब इंस्पेक्टर विजय दिवाकर मौके पर पहुंच कर लोगों समझाया। आधे घंटे के बाद पुलिस ने धरना समाप्त करवाकर आवागमन बहाल करवाया।
इस संदर्भ में मछलीशहर के एसडीओ अमर सिंह का कहना है कि बिजली की लाइन पहले खींची गई है और मकान बाद में बना है। जांच में पता चला है कि घटना तार में फंसी पतंग को लोहे के रॉड से निकालने के कारण हुई हैं। तार से बच्चे स्पर्श नहीं किए थे। खंभा हटवाने के बाबत कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आएगी तो विभाग समाधान करने का प्रयास करेगा। लटकते जर्जर तार बदलवाने के लिए विभाग को इस्टीमेट भेजा गया है। धन प्राप्त होने के बाद जर्जर तार बदलने का काम आरंभ होगा।