विश्व खाद्य दिवस पर ‘चाइल्ड हंगर फ्री’ अभियान की शुरुआत
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वाराणसी में विशाल भारत संस्थान की ओर से संचालित अनाज बैंक के तीन वर्ष पूरे होने और विश्व खाद्य दिवस पर ‘चाइल्ड हंगर फ्री’ अभियान की मंगलवार को शुरुआत हुई। साथ ही नौ बच्चों को अनाज बैंक का पासबुक प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि एडीजी जोन पीवी रामा शास्त्री, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. शैला त्रिपाठी तथा महंत बालक दास ने संयुक्त रूप से इस अभियान का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि ने ‘भूख: एक वैश्विक समस्या’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करने के दौरान कहा कि अपराधी बनने का एक बड़ा कारण भूख है। कहा कि पुलिस भी अनाज बैंक के सहयोग से ऐसे लोगों की मदद करेगी।
मुख्य वक्ता व अनाज बैंक के संस्थापक तथा चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि सात वर्ष की जोया का वजन मात्र 14 किलो है। अब जोया की जिम्मेदारी अनाज बैंक ने उठा ली है। कहा कि अनाज बैंक ने यह तय किया है कि भूख से पीड़ित बच्चाें का खाता खोलकर उनको प्रति सप्ताह पांच किलो अनाज दिया जाएगा।
तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम व 70 वर्ष से ऊपर की वृद्ध महिलाओं के लिए भी यह खाद्य सुरक्षा चक्र है। उन्होंने बताया कि देश में जल्द ही 10 और अनाज बैंक की शाखाएं खोली जाएंगी। महंत पातालपुरी मठ ने कहा कि अनाज बैंक सरकार पर निर्भर नहीं है इसलिए किसी भी देश में इसकी उपयोगिता है। कार्यक्रम में गरीबी रेखा से नीचे की 200 महिलाओं को अनाज वितरित किया गया।