इसके बाद कमरा बंद करके सो गए। बृहस्पतिवार की सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला तो अन्य किरायेदार और आसपास के लोग सशंकित हो गए। सबने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद लोगों ने धक्का देकर दरवाजा खोला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग बुझ चुकी थी, लेकिन कमरे में धुआं था। राहुल व उनके परिवार के सदस्य अचेत ही पड़े थे।
लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस के जरिये सबको मंडलीय अस्पताल भेजवाया। डॉक्टरों ने दो साल के डुग्गू को को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन मनीष शांडिल्य भी पहुंचे और छानबीन की। रोहनिया इंस्पेक्टर उपेंद्र कुमार सिंह ने घटना की जानकारी जौनपुर चंदवक में रहने वाले राहुल के परिजनों की दी।
बता दें कि इससे पहले एक जनवरी को काशी स्टेशन पर तैनात रेलकर्मी, उनकी पत्नी और ढाई साल का बच्चा मृत हाल में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि दम घुटने से तीनों की मौत हुई थी। वो भी रात में अंगीठी जलाकर सोए थे। अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन मनीष शांडिल्य ने कहा कि दम घुटने से मासूम की मौत हुई है। परिवार कमरे में आग जलाकर सोया था। माता-पिता और भाई को होश आ गया है। पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
कमरे में छोटा सा था रोशनदान
छोटे कमरे का रोशनदान बहुत छोटा था। आग से निकलने वाले धुएं से कमरा भर गया। इसके चलते मासूम डुग्गू की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्य अचेत हो गए।
अरे! अब हम कइसे रहब हो, हमरे ललनवा के काहे उठा लेहला हे भगवान... यह चित्कार डुग्गू की मां रिंकी के थे। होश में आने के बाद ही वह जिगर के टुकड़े को ढूंढने लगी। कुछ देर तक तो लोगों ने उसे बेटेकी मौत की जानकारी नहीं दी। जब उसे बेेटे के इस दुनिया में नहीं रहने की सूचना मिली तो वह दहाड़े मारकर रोने लगी, फिर अचेत हो गई। परिजनों ने उसे ढांढस बंधाया और संभाला। मासूम बेटे की मौत से टूट चुकी मां रिंकी के करुण क्रंदन से उपस्थित हर किसी की आंखें डबडबा गईं। वहीं, पिता राहुल भी गमगीन रहा। वह खुद को कोस रहा था कि आखिर अंगीठी जलाई क्यों?
अंगीठी के धुएं से दम घुटने से मौत की यह दूसरी घटना है। एक जनवरी को काशी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे आवास में रेलकर्मी राजीव रंजन पटेल, उसकी पत्नी अनुपमा और मासूम बेटे हर्ष की मौत हो गई थी। रेलकर्मी भी कमरे में अंगीठी जलाकर सोया था। सुबह कमरे का दरवाजा तोड़कर सभी के शव निकाले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से तीनों की मौत हुई थी। यह गैस जहरीली होती है। कमरे में अंगीठी जलाने व उससे उठने वाले धुएं से ही गैस बनती है।