कोरोनावायरस को लेकर फैले भ्रम के कारण लोग चिकन खरीदने से कतरा रहे हैं। लिहाजा सफेद मुर्गा 50 से 55 और लाल मुर्गा 65 से 70 रुपये किलो पर पहुंच गया है। वहीं, अंडा 60 से 65 रुपये दर्जन के भाव बिक रहा है। दुकानदार भी जिले के 90 पोल्ट्री फार्म पर मुर्गा के लिए आर्डर नहीं दे रहे हैं।
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शहर के बेनिया, नई सड़क, मदनपुरा, रेवडी तालाब, लंका, सुंदरपुर, मंडुवाडीह, अंधरापुल और वरूणापार इलाके के कचहरी, शिवपुर आदि इलाकों के चिकन बाजार सुनसान हो गए हैं। दुकानदारों को कहना है कि दिन भर में 300 से 500 रुपये तक की बिक्री हो पा रही है। 23 जनवरी के बाद से ही बाजार प्रभावित होने लगा था।
15 फरवरी तक 150 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चिकन 25 फरवरी तक 100-120 रुपये प्रति किलो के भाव आ गया था। कोरोना का खौफ और बढ़ा तो लोगों ने चिकन खरीदना बंद कर दिया। पिछले सप्ताह एक पोल्ट्री फार्म संचालक ने चौकाघाट में चिकन पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें पशु चिकित्सकों ने चिकन खाकर लोगों का डर कम करने की कोशिश की थी। हालांकि, बिक्री में अब तक इजाफा नहीं हुआ है।
चिकन विक्रेता सलमान अहमद ने बताया कि कोरोनावायरस के चलते बाजार डाउन है। ऐसा अफवाहों के कारण है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। होली की दुकानदारी भी चली गई है।