Varanasi News: दीपों के महापर्व के समापन के साथ ही छठ की शुरुआत हो गई है। 25 अक्तूबर को नहाय खाय के साथ ही सूर्य की उपासना का महापर्व आरंभ होगा। इस बार श्रद्धालु रवि योग अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। नहाय खाय से शुरुआत के बाद खरना और फिर ढलते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ-साथ यह पर्व पूर्ण होगा।
काशी के पंचांगों के अनुसार छठ पूजा की शुरूआत 25 अक्तूबर को होगी और समापन 28 अक्तूबर को होगा। 25 अक्तूबर को नहाय खाय से व्रत की शुरूआत होगी और 26 को खरना के साथ 36 घंटे का व्रत आरंभ होगा। 27 अक्तूबर को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित होगा और 28 की भोर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि छठ के महापर्व पर इस बार रवियोग का निर्माण हो रहा है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर रवि योग और सुकर्मा योग निर्मित हो रहे हैं। छठ पर्व पर रवि योग व्रतियों को पूजा का कई गुना ज्यादा फल देगा। रवि योग 27 अक्तूबर की रात्रि 10:46 बजे तक रहेगा। व्रती रवि योग में ही सूर्य देव को प्रथम अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके साथ ही कौलव और तैतिलकरण का संयोग निर्मित हो रहा है।