सपा नेता मनोज सिंह काका ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
चंदौली के सैयदराजा थाना के मनराजपुर गांव में पुलिस दबिश के दौरान कन्हैया यादव की पुत्री निशा यादव (24) की मौत की घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने सदर एसडीएम अविनाश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें 15 दिनों के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की जा रही थी।
एक मई को पुलिस मनराजपुर गांव में कन्हैया यादव को पकड़ने के लिए गई थी। दबिश के दौरान आरोपित की पुत्री निशा यादव की मौत हो गई थी। इसको लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे। एसपी के निर्देश पर एएसपी घटना की जांच कर रहे हैं। हालांकि इस पर सवाल खड़े हो रहे थे।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने आरोप लगाए कि पुलिस के खिलाफ पुलिस ही जांच करेगी तो पारदर्शिता व निष्पक्षता कैसी रहेगी। इस पर जिलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने सदर एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। इसके बाबत पुलिस विभाग व नगर पंचायत प्रशासन सैयदराजा को सूचित किया गया है।
इसके बाबत नगर पंचायत सैयदराजा कार्यालय के बोर्ड पर भी नोटिस चस्पा की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति घटना के बाबत साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है तो 17 मई तक उप जिला मजिस्ट्रेट सदर के दफ्तर में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। अधिकारी जांच के दौरान अपने विवेक से इसको भी आधार बना सकते हैं।
कन्हैया यादव को सांत्वना देने के लिए शनिवार को समाजवादी पार्टी के जमानिया विधायक व प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कन्हैया से घटनाक्रम की जानकारी ली। कन्हैया ने आरोपी एसएचओ सहित अन्य पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कराकर सजा दिलाने की बात कही।
वहीं विधायक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि मृतका के हत्यारो को सजा मिलनी चाहिए। इसके लिए समाजवादी पार्टी आरोपियों को सजा मिलने तक कन्हैया के साथ खड़ी रहेगी। कहा कि प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री एक तरफ बेटी बचाओ-बेटी पढाओ का नारा लगाते हैं वहीं उनकी पुलिस बेटियों को मारपीट कर मौत के घाट उतार रही है।
बताया कि आगामी नौ मई को पूर्व मुख्य मंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आने के बाद जो दिशा निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं सकलडीहा के सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने कहा कि यह लड़ाई तब तक लड़ी जाएगी जब तक आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता।