नौगढ़ क्षेत्र के रिठीया गांव में सीआईएसएफ जवान बच्चन यादव का पार्थिव शरीर पहुंचने पर रोते बिलखते परिजन।
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मुंबई बंदरगाह पर तैनात सीआईएसएफ के एसआई बच्चन यादव (51) का शव बुधवार को दोपहर बाद पैतृक गांव चंदौली जिले के नौगढ़ स्थित रिठीया पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
रिठिया गांव निवासी रामदेव यादव के मंझले पुत्र बच्चन यादव सीआईएसफ में एसआई पद पर कार्यरत थे। उनकी तैनाती मुंबई में बंदरगाह पर थी। मंगलवार को अचानक हार्ट अटैक से तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान निधन हो गया था। इसकी खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाराणसी से बुधवार को शाम चार बजे सीआईएसएफ जवान बच्चन यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटे ताबूत से लिपटकर पत्नी सविता, बूढ़ी मां हीरावती बिलख पड़ीं। जुड़वा बच्चे इंद्रभान और चंद्रभान और बड़ा बेटा सूर्यभान पिता के अंतिम दर्शन के लिए ताबूत के पास गए तो सबकी आंखें छलक गई।
बच्चन यादव जिंदाबाद के नारे हर तरफ गूंजते रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम डॉ. अतुल गुप्ता ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया। ओएमएनजीवाई बांबे यूनिट की 51वीं बटालियन के इंस्पेक्टर बीपी यादव और जवान के बड़े भाई इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में जवानों ने दिवंगत एसआई को अंतिम विदाई दी। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर प्रोफेसर कमलेश यादव, इंस्पेक्टर विजय कुमार, प्रधान संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव, ग्राम प्रधान लालचंद, सीआईएसएफ के सुरेंद्र, सीआरपीएफ के रविंदर यादव और आर्मी के जवान जितेंद्र के अलावा सुरेश यादव, मस्त लाल, अनिल यदुवंशी, जगनारायण सिंह, चौकी इंचार्ज राधा कृष्ण आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।