Chandauli News: चंदौली जिले में सबसे अधिक पशु तस्कर सक्रिय हैं। वहीं कालीन नगरी भदोही में महज तीन पशु तस्करी की प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं चंदौली में 162 प्राथमिकी में 250 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
यूपी-बिहार बॉर्डर के चंदौली में सबसे अधिक पशु तस्करों की आवाजाही है। बिहार बॉर्डर पार कराने को आतुर पशु तस्करों पर वाराणसी जोन की पुलिस कहर बनकर टूटी है। धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली में सबसे अधिक पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई तो कालीन नगरी भदोही में महज तीन पशु तस्करी की प्राथमिकी दर्ज हुई।
विज्ञापन
चंदौली में 162 प्राथमिकी में 250 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पशु तस्करों के खिलाफ वाराणसी जोन के नौ जिलों की पुलिस ने 431 प्राथमिकी में 1090 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें कोर्ट ने जेल भेजा है। पशु तस्करों को लंगड़ा करने से लेकर अपराध से अर्जित 2.60 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया गया।
वाराणसी एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने बताया कि 9 जिलों में 3434 पशुओं को बरामद कराया गया। पशु तस्करी में 398 वाहन बरामद कर 120 आरोपियों पर गुंडा एक्ट और 123 की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई। गैंगस्टर एक्ट में 355 प्राथमिकी दर्ज हुई है। पशु तस्करी गिरोह को चिह्नित कर 96 गैंग पंजीकृत किए गए हैं। गैंग के सरगना समेत सदस्यों पर कड़ी निगरानी है।
पशु तस्करों के खिलाफ सबसे अधिक कार्रवाई चंदौली में 162 प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद बलिया में 54 प्राथमिकी, सोनभद्र में 47, आजमगढ़ में 44, मिर्जापुर में 42, जौनपुर में 20, मऊ में 17 और भदोही में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है। एडीजी जोन ने बताया कि अपराधियों के वित्तीय लेनदेन के बैकवर्ड फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर संरक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।