चंदासी कोयला मंडी की तीन फर्मों ने झारखंड की फर्मों से फर्जी आईटीसी ली। इसका खुलासा जीएसटी एसआईबी की जांच में हुआ। इसके बाद तीन फर्म की जांच में पकड़ी गड़बड़ी गई।
चंदासी कोयला मंडी में कोयले की खरीद बिक्री में बड़ा गोलमोल हो रहा है। जीएसटी चोरी करने के लिए फर्जी नाम पते और अस्तित्वहीन फर्मों से माल की खरीद दिखाकर फर्जी आईटीसी (इनपुटन टैक्स क्रेडिट) का लाभ लिया जा रहा है। तीन फर्मों को जीएसटी की एसआईबी ने चिह्नित किया है।
विज्ञापन
झारखंड में पंजीकृत चार फर्मों से इन तीन फर्मों ने माल लेना दिखाया। रडार पर लेकर जांच हुई तो टैक्स से बचने के लिए रिटर्न में वास्तविक रूप से बिक्री घोषित नहीं शो हुई। पोर्टल की जांच से खुलासा हुआ तो जीएसटी अधिकारी भी दंग रह गए।
आंकड़ों से मिलान पर फर्मों के गोदाम में 11.45 करोड़ रुपये का 17650 मीट्रिक टन कोयला कम पाया गया। इस तरह जांच में तीन फर्मों द्वारा 427 लाख की टैक्स चोरी की गई। फर्मों द्वारा क्लेम की गई फर्जी आईटीसी व बिक्री पर टैक्स जमा नहीं करने पर तीन फर्मों के कारोबारियों ने टैक्स व अर्थदंड के रूप में 220.14 लाख जमा किए हैं।
जीएसटी जोन वन के अपर आयुक्त ग्रेड-1 आनंद कुमार सिंह ने बताया कि चंदासी कोयला मंडी के तीन फर्मों की टैक्स चोरी पकड़ी गई। टैक्स और अर्थदंड वसूला गया। अपर आयुक्त एसआईबी दिप्ति कटियार, संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच कराई गई।