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दो थानाध्यक्षों समेत आठ को सीजेएम ने किया तलब, घर में घुसकर उत्पात करने और छेड़खानी का है आरोप

Tue, 21 Aug 2018 09:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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घर में घुसकर उत्पात करने और महिलाओं से छेड़खानी के आरोप में सीजीएम ने दो थानाध्यक्षों समेत आठ को तलब किया है। मामला यूपी के जौनपुर जिले का है।  बरसठी थाना क्षेत्र के दतांव गांव निवासी राजेश के घर में पुलिस के उत्पात और छेड़खानी के मामले में सीजेएम राहुल आनंद ने नेवढ़िया के थानाध्यक्ष समेत छह आरोपियों को 25 सितंबर को कोर्ट में तलब किया है।

अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञेय माना है। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीजेएम ने पुलिस अधीक्षक केके चौधरी, डिप्टी एसपी, दो थानाध्यक्षों समेत दस के खिलाफ भी वाद दर्ज किया था। जांच में एसपी और एएसपी की इस मामले में भूमिका नहीं पाई गई। राजेश दुबे ने कोर्ट में अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया कि 14 जनवरी को थानाध्यक्ष बरसठी सात-आठ पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर में घुस आए।
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पुलिस वालों ने उनकी पत्नी से अभद्रता की और धमकी दी। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करने पर  नाराज होकर 21 जनवरी को तीन  बजे थानाध्यक्ष बरसठी, थानाध्यक्ष नेवढ़िया 40- 50 पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे। 
 
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एसपी ने दीं गालियां, धमकी देकर भगाया

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक और एडिशनल एसपी के आदेश पर वे बारजा तोड़ने आए हैं। इस बाबत कोर्ट का आदेश मांगने पर उन्होंने पड़ोसी को उकसावा देकर ईंट-पत्थर चलवाया। राजेश तब छत पर चढ़ गए थे। उतरते ही पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई और बुरी तरह उनकी पिटाई की गई। रात को पुलिस वालों ने घर का बारजा जबरदस्ती तोड़वाया।

पत्नी से मारपीट की और छेड़खानी की। वादी व उसके पड़ोसी का चालान कर दिया। वादी ने तत्कालीन एसपी केके चौधरी के आवास पर जाकर आपबीती बताई तो उन्होंने गालियां दीं और धमकी देते हुए भगा दिया। वादी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी से भी शिकायत की। सुनवाई न होने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।

कोर्ट ने वादी का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया तब उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की । हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए निचली अदालत को निर्देश दिया। अंतत: वादी व गवाहों के बयान के बाद आरोपियों के खिलाफ आधार पर्याप्त पाते हुए कोर्ट ने  तलब किया है।
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