शताब्दी समारोह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ राष्ट्रपिता की जीवन यात्रा का गवाह बनेगा। बापू की पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को इसके लिए गैलरी की शुरुआत होगी। इसमें विद्यापीठ की स्थापना से लेकर बापू की अंतिम काशी यात्रा के संस्मरणों को सहेजा गया है। मानविकी संकाय में गांधी जी के कमरे के बाहर बनी इस गैलरी को छात्रों के साथ ही बाहरी लोग भी देख सकेंगे।
काशी विद्यापीठ के लिए इस बार का बसंत पंचमी बेहद खास है। वैसे तो वर्ष 2020 शुरू होते ही विश्वविद्यालय स्थापना के 100वें साल में प्रवेश कर गया। मगर, विश्वविद्यालय की स्थापना बसंत पंचमी के दिन हुई थी, इसे देखते हुए विश्वविद्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को बापू के भजनों की प्रस्तुति के साथ ही गांधी अध्ययन पीठ में प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि बापू गैलरी की शुरुआत हो चुकी है। बापू की पुण्यतिथि पर इसे सभी के लिए खोल दिया जाएगा। 26 जुलाई से 02 अगस्त 1934 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यकारिणी समिति और केंद्रीय हरिजन सेवक संघ का अधिवेशन काशी में आयोजित किया गया था। उस समय बापू यहीं ठहरे थे।