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दोषियों की फांसी के बाद पैतृक गांव में जश्न, निर्भया के बाबा ने कहा- 20 मार्च को घोषित हो निर्भया दिवस

Fri, 20 Mar 2020 11:23 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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निर्भया के पैतृक गांव होली का माहौल - फोटो : अमर उजाला।
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देर रात सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्वानिर्धारित समय पर निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को तिहाड़ जेल में आज 5 बजकर 30 मिनट पर फांसी दे दी गई। फांसी होते ही उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र में स्थित निर्भया के पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। वहीं निर्भया के बाबा ने अमर उजाला से बातचीत में सरकार से मांग की है कि 20 मार्च को निर्भया दिवस के रूप में घोषित किया जाय।

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उन्होंने कहा कि देर से ही सही कोर्ट ने अपना काम कर दिया, अब सरकार भी अपना कार्य करे। सरकार की ओर से निर्भया के नाम पर की गई घोषणाओं को पूरा किया जाए। अभी तक हॉस्पिटल का काम अधूरा है और स्थानीय प्राथमिक विद्यालय तक पक्की सड़क का भी निर्माण कार्य अधूरा है। साथ ही परिवार के पांच लोगों को सरकारी नौकरी दिए जाने का कार्य भी अधूरा है।
 

एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के गांव के समाजसेवी अश्विनी पांडेय ने बताया कि गांव में पहले से ही अबीर-गुलाल खरीद लिया गया था। साथ ही लोगों ने मिठाई के भी आर्डर दे दिए थे। सुबह दरिंदों को फांसी पर चढ़ाने के बाद ग्रामीणों ने खुशी का इजहार करना शुरू कर दिया । पांडेय ने कहा कि जिस घड़ी का हम लोगों को बेसब्री से इंतजार था, आखिर वह सौभाग्यशाली पल हम लोगों को मिल गया। 
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निर्भया - फोटो : self
सूचना मिलते ही पूरे गांव में एक साथ अबीर-गुलाल के साथ होली का जश्न मनाया गया। इससे देश के सामने यह संदेश भी जगया कि दरिंदगी का परिणाम अंततः फांसी ही होती है, आप उससे बचने का चाहे जितना प्रयास कर लें, बच नहीं सकते।
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