जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर सीबीआई की टीम डीआरएम भवन में दाखिल हुई और सीधे आरोपी अधिकारी के पास जा पहुंची। टीम के सदस्यों ने आरोपी अधिकारी के लैपटॉप, मोबाइल और बैंक खातों से हुए लेनदेन की जांच की। पुरानी और नई फाइलों के साथ सभी रिकाॅर्ड भी खंगाले।
लैपटॉप सहित तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर लिए। टीम ने करीब ढाई घंटे तक कार्यालय में ही आरोपी सत्यम कुमार सिंह से पूछताछ की। इसकी भनक तक रेलवे उच्चाधिकारियों को नहीं लगी। जब गिरफ्तारी की पुष्टि हुई, तब पता चला कि सीबीआई ने छापा मारा था।
सत्यम की तैनाती पिछले डेढ़ साल से है। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही करीबियों ने अपने-अपने मोबाइल स्विच्ड ऑफ कर लिए। मामले में उच्चाधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।