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CBI Raid: चार करोड़ के टेंडर के लिए दो लाख की घूस मांगी, रेलवे का डीईएन गिरफ्तार; सीबीआई ने की कार्रवाई

Tue, 01 Oct 2024 04:46 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

दो लाख घूस मांगने में पूर्वोत्तर रेलवे का सीनियर डीईएन टू गिरफ्तार किया गया है। साथ ही नकदी-आभूषण बरामद किए गए। वहीं आरोपी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। 
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गिरफ्तार अधिकारी का कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई लखनऊ की टीम ने मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय लहरतारा में तैनात सीनियर डीईएन-टू सत्यम कुमार सिंह को दो लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के लखराव स्थित अपार्टमेंट से कैश, आभूषण और लग्जरी आइटम्स बरामद किए गए। मिर्जापुर के चुनार स्थित सत्यम कुमार सिंह के आवास को भी खंगाला गया।

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सीबीआई के मुताबिक, अधिकारी के आवास से करीब साढ़े छह लाख रुपये नकद, कई प्रापर्टी के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। दूसरी तरफ, रेलवे प्रशासन ने देर रात सत्यम कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। आरोप है कि सत्यम ने थावे से छपरा रेलवे ट्रैक के चार करोड़ के टेंडर को देने के लिए दो लाख रुपये घूस की मांग की थी। रेलवे के एक ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की है। मामले में एक और इंजीनियर की भूमिका की जांच की जा रही है।

गोरखपुर के रहने वाले ठेकेदार महेंद्र सिंह ने सीबीआई की लखनऊ यूनिट से शिकायत की थी। उनका कहना था कि थावे से छपरा तक रेलवे ट्रैक के रखरखाव के लिए टेंडर डाला था। 25 जुलाई 2024 को सीनियर डीईएन वाराणसी सत्यम कुमार सिंह ने करीब चार करोड़ रुपये के दो टेंडर दिए और दो लाख रुपये की घूस मांगने लगे।
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घूस न देने पर काम में बाधा डालने और भविष्य में बिल पास न करने की धमकी दी। इसी आधार पर सीबीआई की टीम ने जांच की और आरोपों की पुष्टि के बाद छापा मारकर डीआरएम कार्यालय से सीनियर डीईएन सत्यम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर सीबीआई की टीम डीआरएम भवन में दाखिल हुई और सीधे आरोपी अधिकारी के पास जा पहुंची। टीम के सदस्यों ने आरोपी अधिकारी के लैपटॉप, मोबाइल और बैंक खातों से हुए लेनदेन की जांच की। पुरानी और नई फाइलों के साथ सभी रिकाॅर्ड भी खंगाले।

लैपटॉप सहित तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर लिए। टीम ने करीब ढाई घंटे तक कार्यालय में ही आरोपी सत्यम कुमार सिंह से पूछताछ की। इसकी भनक तक रेलवे उच्चाधिकारियों को नहीं लगी। जब गिरफ्तारी की पुष्टि हुई, तब पता चला कि सीबीआई ने छापा मारा था।

सत्यम की तैनाती पिछले डेढ़ साल से है। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही करीबियों ने अपने-अपने मोबाइल स्विच्ड ऑफ कर लिए। मामले में उच्चाधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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