उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ भाजपा के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया है कि राजभर के खिलाफ कोपागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर मऊ जनपद में घोसी विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर ताल नरजा गांव में रविवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
प्रदेश की मौजूदा सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रह चुके राजभर ने कथित तौर सम्मेलन में कहा था कि जब मैं भाजपा के नेताओं को देखता हूं तो मेरा खून खौल उठता है और मेरा मन करता है कि उनका सिर कलम कर दूं। जिस तरह से महाराजा सुहेलदेव दुश्मनों का सिर कलम करते थे।
इस बीच बलिया में सुभासपा ने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार राजभर की आवाज दबाना चाहती है।
उन्होंने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की हताशा का परिणाम बताया है और कहा है कि सुभासपा इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी दल के नेताओं का दमन कर रही है।
सुभासपा ने 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ा था। उसने चार सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्हें योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। लेकिन आरक्षण लागू करने की उग्र मांग करने और मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली की खुली आलोचना करने पर उन्हें हाल में मंत्रिमण्डल से बर्खास्त कर दिया गया था।