बीएचयू परिसर में बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल के छात्रों के बीच हुई मारपीट, पथराव और पेट्रोल-देशी बम फेंके जाने के मामले में गुरुवार की आधी रात बाद नौ छात्रों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की गई।
बिड़ला अ और एलबीएस हॉस्टल के छात्रों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश को लेकर आठ मई की आधी रात बाद मारपीट शुरू हुई। इसके बाद दोनों हॉस्टल के छात्रों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान एक-दूसरे पर पेट्रोल बम और देशी बम भी फेंके। घटना को लेकर दो दिन बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने लंका थाने में तहरीर दी।
इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि चीफ प्रॉक्टर की तहरीर के आधार पर बिड़ला अ के छात्र दर्शित पांडेय, अविनाश राय, हर्षवर्धन सिंह व ऋषभ सिंह और एलबीएस हॉस्टल के राजन सिंह, अतुल जायसवाल, समीर सिंह व आशुतोष मौर्य के अलावा बाहरी छात्र शौर्य प्रताप सिंह उर्फ शीबू सिंह के खिलाफ बलवा, मारपीट सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।
कुलपति ने अभिभावकों से की मुलाकात
बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के छात्रों के बीच बवाल के बाद कुलपति की ओर से अभिभावकों को बुलाकर वार्ता की पहल का असर दिखने लगा है। गुरुवार को बिड़ला हॉस्टल के तीन छात्रों के माता-पिता कुलपति से मिलने पहुंचे।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि केंद्रीय कार्यालय में छात्रों की मौजूदगी में अभिभावकों ने कुलपति से बातचीत की। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को कायम रखने में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।