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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का दावा, टिहरी बांध से गंगा में 15 दिन में छोड़ा जाएगा पानी

Fri, 11 May 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से की बात - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि टिहरी बांध से जल्दी ही गंगा में पानी छोड़ा जाएगा। गंगा में पानी छोड़ने की तैयारी चल रही है। अगले 15 दिन में गंगा में पानी छोड़ने के लिए कहा गया है। इससे पेयजल संकट भी खत्म हो जाएगा।

 गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में गडकरी ने दावा किया कि सरकार गंगा को साफ करने के लिए प्रयत्नशील है। मार्च, 2019 तक 70 से 80 प्रतिशत सफाई कर दी जाएगी। इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। गंगा को साफ करना पहली प्राथमिकता है। इसके बाद गंगा को अविरल किया जाएगा।
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बताया, क्लीन गंगा प्रोजेक्ट के तहत लोग दान दे रहे हैं। अब तक 250 करोड़ रुपये दान में मिल चुका है। इसे केवल गंगा की सफाई में खर्च किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री  ने माना कि देश के 97 शहर गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं। इसमें 70 प्रतिशत गंदगी केवल 10 शहर ही कर रहे हैं।

इनमें वाराणसी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यूपी में 32 नाले हैं। कुछ नाले गंगा का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। इसके लिए 1600 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 64 शहरों में 102 परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें तीन परियोजनाएं वाराणसी की भी हैं। 
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गडकरी की घोषणा के बाद गंगा में परिवहन की बाधा दूर होने के आसार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने माना कि गंगा में पूर्व में स्थापित कछुआ सेंक्चुअरी वाराणसी के विकास में बाधक है। इसे जल्दी ही गंगा के डाउन स्ट्रीम में शिफ्ट कर दिया जाएगा।  गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि काशी में सेंक्चुअरी बनाने का औचित्य नहीं था।

इसकी वजह से न तो यहां खनन का कार्य हो रहा है और न ही अन्य प्रोजेक्ट चल पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी कोई वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सेंक्चुअरी के चलते घाटों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। इससे घाट खोखले हो रहे हैं। घाट किनारे के घरों की दीवारें दरक रही हैं।

गडकरी के इस बयान के बाद वाराणसी के गंगा के रास्ते जल परिवहन की संभावनाएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। अब तक कछुआ सेंक्चुअरी को इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बड़ी बाधा माना जा रहा था। 

हल्दिया से वाराणसी और इलाहाबाद तक चलने वाले पानी के जहाजों के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की तर्ज पर रिवर ट्रैफिक कंट्रोल (आरटीसी) सिस्टम लागू होगा। गडकरी ने बताया कि इससे नावों की लोेकेशन, उसके ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल रहेंगे। इस 1620 किमी के ट्रैक पर रडार लगाए जाएंगे, ताकि कोई जहाज भटके नहीं इसके अलावा किसी तरह के तुफान आदि की भी जानकारी उनको मिलती रहे।
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