सोनभद्र जिले के बरहमोरी बालू साइट पर मारपीट, आगजनी के मामले में बुधवार की रात पुलिस ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दूसरे पक्ष ने सत्तारूढ़ दल के सांसद पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गांव में तीन प्लाटून पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। दहशत के चलते अधिकांश लोगों ने गांव छोड़ दिया है। ग्रामीणों को उकसाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
कोन थानाक्षेत्र के रोगही गांव के पास मंगलवार रात और बुधवार सुबह साइट संचालक के कारिदों के बीच मारपीट के बाद बवाल हो गया था। बालू साइट के ऑफिस पर पथराव और आठ वाहनों में आग लगा दी गई थी। इस दौरान नौ लोगों को चोट आई थी। घटना के बाद प्रवीण कुमार फर्म के साइट इंचार्ज रुकमानंद सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि मंगलवार की रात में पांच लोग ऑफिस पर पहुंचे और डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
उनका कहना था कि अगर काम करना है तो रुपये देने ही होंगे। उन लोगों ने इसकी सूचना 100 नंबर और थाना प्रभारी को दी। थोड़ी देर में कोन थाने से पुलिस आई तो वह लोग जा चुके थे। बुधवार की सुबह करीब 50 लोग बालू साइट पर पहुंचे और गाली गलौज, मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोग फायर करने लगे। एक गोली अमन प्रताप के पैर में लगी । इस दौरान गाड़ियों में गमछा जलाकर आग लगा दी। जाते समय दो झोलों में रखे नौ लाख रुपये रखे लूट ले गए।
पुलिस ने इस मामले में विनय, संजय पासवान, छप्पन चेरो, मनोज, धर्मेंद्र मल्लाह, मिथलेस, सतीश, सुरेश निषाद, चंद्रशेखर जायसवाल, सुनील, मोती लाल गोड़, अशोक कन्नौजिया, मन्नू चौबे, रितेश जायसवाल और 50 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी, हत्या के प्रयास, लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरे पक्ष से कोन पुलिस ने सलैयाडीह निवासी विजय शर्मा की तहरीर पर प्रताप सिंह के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज की है। विजय का कहना है कि वह प्रताप सिंह के यहां नाई का काम करता था। वहीं प्रताप का कहना है कि उसने गांव वालों के साथ मिलकर हमला करवाया है। प्रताप सत्तारूढ़ दल के एक सांसद का पुत्र बताया जाता है।