यूपी के आजमगढ़ में रानी की सराय थाने के सामने सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के बाद प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय शिवशंकर सिंह ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव सहित 13 लोग नामजद और 150 अज्ञात को आरोपित किया है।
प्रभारी निरीक्षक का आरोप है कि आरोपीगण सोमवार को रानी की सराय थाने के सामने इकट्ठा होकर मंच से पुलिस प्रशासन के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। विवेचना में अवरोध उत्पन्न किया। साथ ही पूरे थाने का सरकारी सहित अन्य कार्य भी प्रभावित करने का आरोप है।
बता दें कि रानी की सराय थाने की रहने वाली एक 24 वर्षीय प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका ने 17 नवंबर को थाने में सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप था कि 16 नवंबर स्कार्पियो सवार चार बदमाश उसे अगवा कर चलती गाड़ी में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
गहन जांच पड़ताल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 22 नवंबर को घटना का खुलासा करते हुए घटना को फर्जी बताया। तभी से पुलिस के खिलाफ तमाम संगठनों के लोग लामबंद होकर पीड़िता के यहां पहुंचकर न्याय दिलाने और हर संभव मदद का भरोसा दिया।