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Ballia: रोहिंग्याओं की मदद करने वाले पूर्व प्रधान समेत चार पर केस, शहर से लेकर गांव तक अलर्ट हुई पुलिस

Wed, 15 Mar 2023 07:48 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बलिया जिले से रोहिंग्या के तार जुड़ने के बाद पुलिस व खुफिया विभाग अलर्ट हो गई है। शहर से लेकर कस्बों की घनी आबादी में वर्षो से रहकर फल, कपड़ा व फेरी का काम करने वालों में खलबली मची है।
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बलिया से गिरफ्तार रोहिंग्या - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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यूपी के बलिया शहर से यूपी एटीएस की वाराणसी यूनिट ने मंगलवार को दो रोहिंग्या को गिरफ्तार किया। उनके पास से बलिया के पते का पासपोर्ट, मतदाता सूची सहित अन्य पत्रावली व उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने पत्रावली बनाने में मदद करने के मामले में पूर्व प्रधान उमरगंज सहित चार पर मुकदमा दर्ज किया है। अन्य कई रडार पर हैं, जिनकी तलाश में पुलिस ने कई मोहल्ले में पूछताछ की।
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रोहिंग्याओं का तार बलिया जिले से जुड़ने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। वह शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की घनी बस्तियों में बिना सत्यापन के वर्षो से रहने वाले बाहरी संदिग्धों की कुंडली खंगालेगी। इसको लेकर विभाग में तैयारी चल रही है।

एटीएस के मुताबिक,  आरोपी अरमान म्यांमार तो अब्दुल बांग्लादेश का निवासी है। ये पश्चिम बंगाल के बर्धमान और हुगली में घर बनाकर रोहिंग्याओं को अवैध तरीके से देश में घुसपैठ कराकर फर्जी तरीके से पत्रवली तैयार कराते हैं। सदर कोतवाली में दोनों आरोपियों से एटीएस व अन्य खुफिया जांच एजेंसियों ने घंटों पूछताछ करने के बाद न्यायालय में पेश किया।
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अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि वर्ष 2014 में दोनों स्थानीय लोगों की सहायता से पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज बनाने में आरोपी हैं। इनके रहने की पुष्टि नहीं हो रही है। इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। किसी की संलिप्ता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले के शहर से लेकर गांवों में रहने वाले बाहरियों के सत्यापन का कार्य होगा।

इन लोगों पर खुफिया विभाग की नजर

बलिया जिले से रोहिंग्या के तार जुड़ने के बाद पुलिस व खुफिया विभाग अलर्ट हो गई है। शहर से लेकर कस्बों की घनी आबादी में वर्षो से रहकर फल, कपड़ा व फेरी का काम करने वालों में खलबली मची है। ज्यादा किराए के लालच में मकान मालिक बिना पहचान पत्र के इन्हें कमरा देने के साथ पूरा संरक्षण देते हैं।
 
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राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव लड़ने वाले लोग अवैध तरीके से मतदाता कार्ड से लेकर अन्य पहचान पत्र तक बनवा देते हैं। पुलिस जांच करेगी तो तमाम लोगों पर गाज गिरेगी। एक वर्ग विशेष मोहल्लों में इनकी आबादी ज्यादा है। कुछ वर्ष पूर्व एनआरसी लागू होने की खबर पर इनमें खलबली मची थी। गोपनीय विभाग भी कई बार शासन को बांग्लादेशियों की आशंका जता चुकी है।
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